कविता कोरोना साल 2020 |

                                       कोरोना साल 2020

कोरोना तेरे राज में सबकुछ है सूना सूना

मंदिर सूना ,मस्जित सूना,और सुना है चर्च ,गुरूद्वारे का कोना कोना |

कोरोना तेरे राज में.........

नहीं दिखती भीड़ अब होटल,मेलों और चौपालों में 

बाज़ारों से भी लौट आया हूँ, मिलकर अनजानों से,

कोरोना तेरे राज में.........

अमिताभ,शिवराज,अमितशाह,भी न बच पाएं इससे,

डॉक्टर,सर्जन,वैज्ञानिक भी हैं इसके सामने बच्चे,

कोरोना तेरे राज में.........

ईद गयी,चौदस गया और गयी नवरात्री

दशहरा पर भी रह गयी हसरतें अधूरी हमारी

कोरोना तेरे राज में.........

मांमां कहते नाना कहते मत आओ इस बार,

जहाँ रहो नीरोगी रहो,मानो वही दीवाली का त्यौहार

कोरोना तेरे राज में........

स्कूल,कॉलेज,कोचिंगों मैं भी जम गयी है धुल

बच्चों,शिक्षकों,पालकों को भी है ऑनलाइन कक्षा मंजूर

कोरोना तेरे राज में........

चीन अमेरिका लगते हैं आरोप प्रत्यारोप,

दोनों के इस खेल का ,भेद जान गए सब लोग

कोरोना तेरे राज में........

मेरी मानो मित्रों रहने दो इस बार

बचे रहे तो अगले वर्ष,मनाएंगे सब त्यौहार.|



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